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Monday, 11 April 2016

ट्रामा सेन्टर परिसर में कुलपति ने रखी नर्सिंग हास्टल की रखी आधारशिला

एजुकेशन विजय, वाराणसी,11 अप्रैल। पूर्वांचल में आम जनजीवन के बीच एम्स का रूतबा प्राप्त बीएचयू का सरसुन्दर लाल चिकित्सालय और ट्रामा सेन्टर में अब मरीजो और उनके परिजनो को बेहतर सुविधाएं मुहैया होगी।सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने ट्रामा सेन्टर परिसर में मरीजों तथा उनके परिजनों की सुविधा हेतु 3500 वर्ग फीट क्षेत्र में 70 लाख रूपये की लागत से निर्मित शुलभ शौचालय की उद्घाटन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस सुलभ शौचालय में पुरूष एवं महिलाओं के लिये 22 ट्वायलेट (इण्डियन तथा वेस्टर्न) है। इसके अलावा स्नानागार, व युरीनल है। साथ ही मरीजो और उनके परिजनो का सामान रखने के लिये क्लाक रूम  व महिलाओ के लिए बच्चों को दुग्धपान (फीडिंग) करा सके, इस हेतु अलग से कक्ष है। इस अवसर पर शुलभ के एडवाइजर डाॅ0 बी0एन0 चतुर्वेदी, अर्चना चतुर्वेदी, एस0के0 सिंह, लल्लन झा, अविनाश तिवारी आदि मौजूद थे। इसी क्रम में कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने पूर्वाह्न में ट्रामा सेन्टर परिसर में ही मरीजों तथा उनके परिजनों के लिये एचडीएफसी बैंक के सहयोग से निर्मित आश्रय का लोकार्पण किया।एचडीएफसी बैंक द्वारा 55 लाख की लागत से 2500 वर्ग फीट में आश्रय तैयार किया गया है, इसमें एक हाल है। इसमें विद्युत, पेयजल एवं पंखे की व्यवस्था की गयी है। एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने कुलपति प्रो0 त्रिपाठी को आश्रय की चाभी सौंपी। इस अवसर पर कुलसचिव डाॅ0 के0पी0 उपाध्याय, वित्ताधिकारी अभय कुमार ठाकुर, आरक्षाधिकारी, प्रो0 जे0पी0 राय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो0 वी0के0 शुक्ला, ट्रामा सेन्टर के ओएसडी प्रो0 आनन्द कुमार, सहायक कुलसचिव अजय कुमार, ओ0पी0 राय, सहायक कुलसचिव सरसुन्दरलाल चिकित्सालय के उपचिकित्सा अधीक्षक उाॅ0 आनन्द कुमार, मनोज कुमार गुप्ता प्रो0 एन0के0 अग्रवाल के अलावा एचडीएफसी बैंक के रीजनल हेड उत्तर प्रदेश संजीव कुमार, श्री अनिल खुगशाल, सर्किल हेड एचडीएफसी, मनीष टण्डन क्लस्टर हेड एचडीएफसी बैंक तथा ब्रांच मैनेजर अभिशेष सिंह आदि मौजूद थे।
नर्सिग हास्टल की रखी नींव
 कुलपति प्रो. गिरीश त्रिपाठी ने आज ट्रामा सेन्टर परिसर में दस करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 109 कमरों तथा पाँच मंजिले परिचारिका छात्रावास (नर्सिंग हास्टल) की आधारशिला भी रखी । इस अवसर पर कुलपति ने पूजन-अर्चन व आरती की। इस परियोजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में फिलहाल तीन मंजिला छात्रावागा, शेष निर्माण द्वितीय चरण में होगा।

प्राथमिक शिक्षक भर्ती आवेदक शिक्षा निदेशालय का करेंगें घेराव

एजुकेशन विजय,इलाहाबाद, 11 अप्रैल। प्राथमिक शिक्षक भर्ती में सुप्रीम कोर्ट में याची बने हजारों टीईटी पास आवेदकों ने अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर 12 अप्रैल को इलाहाबाद में शिक्षा निदेशालय के घेराव का ऐलान किया है। आवेदक शिक्षा निदेशालय का घेराव करेंगे, बेसिक शिक्षा सचिव को ज्ञापन देंगे और मुख्यमंत्री को सामूहिक हस्ताक्षर के साथ अपनी नियुक्ति की मांग का पत्र भेंजेंगे।प्रदेश में चार साल से लंबित प्राथमिक शिक्षक भर्ती को पूरा करने के लिये ये आवेदक सुप्रीम कोर्ट में याची बने हैं। इनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 07 दिसम्बर 2015 में समस्त पात्र याची अभ्यर्थियों को नियुक्ति का आदेश दिया था। लेकिन सरकार ने इन याचियों के अनशन और सड़क पर संघर्ष के बाद ही इन्हें नियुक्ति दी थी। इसके पश्चात् प्रदेश भर से लगभग 30 हजार टीईटी पास आवेदकों ने भी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली। 24 फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले आदेशानुसार इन नए याचियों की नियुक्ति पर भी विचार करने का राज्य सरकार को आदेश दिया है। याचियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में राज्य सरकार हमें भी तदर्थ नियुक्ति प्रदान कर सकती है, लेकिन राज्य सरकार ने हमारी नियुक्ति को लेकर अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अतः हम नियुक्ति पाने हेतु सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं।आवेदकों का कहना है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू है तथा शिक्षा का अधिकार मूल अधिकार है। अतः प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक का कोई भी पद किसी भी हालत में रिक्त नहीं रहना चाहिये। इसके बावजूद प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के लगभग चार लाख पद रिक्त हैं और प्रदेश के टीईटी पास आवेदक चार साल से प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति के लिये संघर्ष कर रहे हैं। आवेदकों का कहना है कि प्रदेश सरकार बी.एड टीईटी पास योग्य अभ्यर्थियों के साथ सौतेला बर्ताव कर रही है। अतः अब हम प्रदेश के समस्त बी.एड टीईटी पास अभ्यर्थी लामबंद होकर अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतरने को बाध्य हैं। याचियों का नेतृत्व कर रहे लोगों में वाराणसी से सूरज शुक्ला, गोरखपुर से त्रिपुरेश पाण्डेय, बाराबंकी से यज्ञदत्त शुक्ला, उन्नाव से अखिलेश शुक्ला, चन्दौली से शशिकान्त मौर्या और नारद यादव, इलाहाबाद से हरितोष मिश्रा, कानपुर से संजय शर्मा, औरैया से संदीप भदौरिया आदि के नेतृत्व में हजारों याची धरने में शामिल होंगे।

हाईस्कूल व इंटर के उत्तर पुस्तिआकों का मूल्यांकन कार्य शुरू

एजुकेशन विजय,  रूड़की, 11 अप्रैल ।रूड़की राजकीय इंटर कालेज में हाईस्कूल के तीन और इंटर के पांच विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आरंभ हो गया है। मूल्यांकन कार्य के लिए 110 शिक्षकों को लगाया गया है। मूल्याकन केन्द्र के उपनियंत्रक जे.एस. नेगी के अनुसार हाईस्कूल में संस्कृत, गणित और गृहविज्ञान की 19240 कापियों का मूल्यांकन होना है जबकि इंटर में रसायन विज्ञान, गृह विज्ञान जीव विज्ञान और कृषि की 14855 कापियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

शराब के नशे में पढाते पाये गये हेड मास्टर

एजुकेशन विजय, कोडरमा, 11 अप्रैल। कोडरमा जिले के एक उत्क्रमित मध्य विद्यालय के हेड मास्टर शराब के नशे में बच्चों को पढाते पाये गये। घटना सोमवार की सुबह की है। जानकारी के अनुसार उत्क्रमित विद्यालय के हेड मास्टर शराब के नशे में कक्षा ले रहे थे। इसी दौरान बच्चों ने जिला शिक्षा अधीक्षक को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधीक्षक ने मौके पर पहंुचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हेड मास्टर को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा। डीएसई ने कहा कि मेडिकल जांच के बाद ही मामले में कार्रवाई की जायेगी।

अभाविप के विद्यार्थी कर रहे प्रदर्शन

एजुकेशन विजय, दुमका, 11 अप्रैल सिद्धो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय गेट के सामने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र छात्राएं विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र छात्राओं की मांग है कि विवि के कुलपति को हटाया जाये। इसके साथ ही धारा को भी 144 हटाया जाये। छात्र छात्राओं के धरना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित हो शिक्षा पद्धति- हरिबोरीकर

एजुकेशन विजय, झांसी/ओरक्षा, 10 अप्रैल। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं हो सकता। मैकाले की शिक्षा पद्धति भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित नहीं है। जिसके चलते संवेदनशील मन के साथ असाधारण व्यक्तित्व का निर्माण हो पाना भी संभव नहीं। यही वह कारण है कि वर्तमान में सृजनात्मकता का अभाव नजर आता है। ऐसी शिक्षा पद्धति में अब तकनीकि के हिसाब से सुधार की आवश्यकता है। जिस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ चिंतन कर रहा है। उक्त विचार एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री हरिबोरीकर ने व्यक्त किये। श्रीबोरीकर मध्यप्रदेश के ओरछा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केन्द्रीय कार्यसमिति की चार दिवसीय बैठक में आए थे।उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करने से कदापि नहीं है, बल्कि संस्कारित होकर आने वाली पीढी को एक दिशा देना और संवेदनशीलता के साथ असाधारण व्यक्तित्व का निर्माण करना होता है। इसके लिए भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा की आवश्यकता है। यह बात मैकाले शिक्षा पद्धति के माध्यम से युवाओं को नहीं पढाई जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत कभी शिक्षा के क्षेत्र में कमजोर नहीं रहा। तक्षशिला और नालन्दा विश्वविद्यालय इसके उदाहरण है। किन्तु वर्तमान नई तकनीकि के साथ चलने के लिए यह आवश्यक है कि उसमें और सुधार किए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सस्ती व सुलभ शिक्षा छात्रों को प्रदान कराए जाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि वह पद्धति भारतीय मूल्यों को भी अपने आप में समाहित करते हुए रोजगारपरकता बनाने में सहायक हो। उन्होंने बताया कि तकनीकि शिक्षा की बढी हुई फीस भी चिंता का विषय है। बुन्देलखण्ड के मामले में उन्होंने कहा कि यहां पर सूखे की स्थिति है। किसान पानी के लिए तरस रहा है। किसानों के जीवन में खुशहाली के लिए सरकार को प्रयासरत रहना चाहिए।देश को रामराजा सरकार जैसे राजा की जरूरत

जब उनसे पूछा गया कि आपको ओरछा में किस बात ने सर्वाधिक प्रभावित किया तो उन्होंने कहा कि ओरछा बुन्देलखण्ड का एक धार्मिक व पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थल है। लेकिन यहां आकर मैंने शनिवार की रात की साढे दस बजे की आरती में भगवान रामराजा सरकार के दर्शन किए। तब से केवल एक ही बात मन को रह रहकर चुभ रही है कि भगवान भी ऐसे राजा है जो रात साढे दस बजे तक जनता के दरबार में उपस्थित रहते हैं। देश को भी ऐसे ही राजा प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं।

Saturday, 9 April 2016

एनआइटी में यांत्रिकी विभाग द्वारा दो दिवसीय शोध प्रणाली विज्ञान कार्यशाला का शुभारंभ

एजुकेशन विजय, चंडीगढ़, 09 अप्रैल । राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) कुरूक्षेत्र के यांत्रिकी विभाग द्वारा शोध प्रणाली विज्ञान पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शनिवार को किया गया। इस दो दिवसीय कार्यशाला के मुख्य संयोजक प्रो. पी.सी. तिवारी व डा. जे.पी. मिश्र है। प्रो. पी.सी. तिवारी ने कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में मुख्यअतिथि प्रो. दीक्षित गर्ग, विभागाध्यक्ष (यांत्रिकी-अभियांत्रिकी  विभाग) सहित उपस्थित सभी अतिथियों व प्रो. दिनेश खण्डूजा, प्रो. हरी सिंह, प्रो. अजय जैन, प्रो. ललित ठाकुर, प्रो. राजेन्द्र कुमार, प्रो. विजय वाजपेयी, प्रो. अवधेश यादव एवं समस्त प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. दीक्षित गर्ग ने अपने वक्तव्य में शोध कार्य की महत्ता पर विशेष बल देते हुए विस्तार से बताया।उन्होंने इस विभाग की विभिन्न गतिविधियों के बारे में प्रकाश डाला व सभी प्रतिभागियों को इस तरह की कार्यशालाओं  में बढ़-चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यशाला के पहले सत्र में प्रो. पी.सी. तिवारी ने शोध प्रणाली से सम्बन्धित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात दूसरे सत्र में प्रो. हरि सिंह ने प्रयोगों की अभिकल्पना की उपयोगिता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों विशेषकर हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, उत्तराखण्ड व तमिलनाडु आदि से आए हुए लगभग 50 शोधकत्ताओं के अतिरिक्त भारी संख्या में एनआइटी कुरूक्षेत्र के शिक्षकगण व छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थी।

मॉडल स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में



एजुकेशन विजय, जगदलपुर, 9 अप्रैल।जिले में सात मॉडल स्कूलों को चलाने असमंजस की स्थिति बन गई है। निजी स्कूलों की तर्ज पर सीबीएसई कोर्स की पढ़ाई करने वाले जिले के सात मॉडल स्कूलों के सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई इस वर्ष शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही बाधित हो रही है। स्कूलों को पीपीटी मोड कराए जाने के निर्णय को लेकर पालकों के विरोध प्रदर्शन के बाद पालक संघ द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिस पर स्थगन प्राप्त हो गया है। इस स्थिति में अभी स्कूल की वर्तमान दशा डांवाडोल है। नये शिक्षा सत्र के आरंभ से ही स्कूलों में पढ़ाई भी हो चुकी है। परंतु अभी फिलहाल इन स्कूलों को न तो डीएव्ही को सौंपा गया है और न ही यहां पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक है ऐसी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नियमित शिक्षक व शिक्षाकर्मी ही मॉडल स्कूलों की कमान संभालेंगे जो कि पर्याप्त नहीं है। गौरतलब है कि केंद्र सरकारी की एक कल्याणकारी योजना के तहत वर्ष 2012 से मॉडल स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। परंतु पिछले वर्ष केंद्र सरकार द्वारा मॉडल स्कूलों को  दी जाने वाली राशि बंद कर दी गई और राज्य शासन को स्कूल सौंप दिये गये। अब राज्य शासन इन स्कूलों का निजीकरण कर तनावमुक्त होना चाहता था, परंतु पालकों के विरोध के बाद हाईकोर्ट का स्टे मिल गया है। जिसके कारण शिक्षा विभाग को शासन के अगले आदेश का इंतजार है और इधर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने पर्याप्त शिक्षक भी नहीं है।
    
बस्तर जिले के सात ब्लाकों के सात मॉडल स्कूलों में पढऩे वाले 1 हजार 2 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई अधर में है। इन स्कूलों की कमान संभालने वाले 58 अतिथि शिक्षकों का हटा दिया गया है और अब स्कूलों में नियमित शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों द्वारा पढ़ाए जाने की बात कही है। सवाल यह भी है कि ऐसे ही विभाग के पास शिक्षकों का टोटा है और मॉडल स्कूल के बच्चों को पढ़ाए जाने हेतु कहां से शिक्षाकर्मी दिये जायेंगे।
    
तीन-चार वर्षो से अतिथि शिक्षकों के रूप में काम करने वाले तमाल शिक्षक-शिक्षिकाओं में आक्रोश इसलिए व्याप्त है कि एक तो इन्हें हटा दिया गया और दूसरी ओर इन्हें चार महीने से वेतन ही नहीं दिया गया है। इनका कहना है कि महज दो शिक्षक ही है। वे कैसे बच्चों को पढ़ाऐंगे।
    
मॉडल स्कूलों के बारे में जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र झा का कहना है कि एक दो दिन में शासन के आदेश मिल जाएंगे जिसका इंतजार किया जा रहा है।

Friday, 8 April 2016

बजट से कैसे सुधारे जाएं सरकारी स्कूल ?

S. Anup Bagh
क्या सरकारी स्कूलों के बदतर हालात बजट बढ़ाने से सुधरेंगे ? आप सरकार ने बजट सत्र में एजुकेशन पर खास ध्यान देते हुए कुल 10,690 करोड़ रुपये शिक्षा के लिए रखे हैं। दिल्ली सरकार एजुकेशन में सुधार के लिए त्रि-स्तरीय प्रयास कर रही है, सबसे पहले फैसिलटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना, दूसरा स्कूलों में टीचर्स की संख्या बढ़ाना और तीसरा करिकुलम और टीचिंग के स्तर को सुधारना।
क्या इन प्रयासों भर से ही सरकारी स्कूलों की हालत सुधरेगी ? क्योंकि इससे पहले चाहे जैसा भी इंफ्रास्ट्रक्चर रहा हो, उसको उजाड़ने में वहां पड़ने वाले बच्चों का भी काफी योगदान रहा है। कई बच्चे वहां लगे पंखे, बल्ब जैसी चीजें उठाकर घर ले जाते हैं या तोड़-फोड़ कर के खराब कर देते हैं। ज़रुरी है बजट में बढ़ोतरी के साथ-साथ इनका भी थोड़ा ज्ञानवर्धन हो।
टीचर्स की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में सुरक्षा कर्मियों की संख्या पर भी थोड़ा ध्यान दिया जाए, क्योंकि बच्चे तोड़-फोड़ करने के बाद कूद-फांद के भाग निकलते हैं। स्कूलों में अक्सर लड़ाई- झगड़े होते रहते हैं, कई बार जान भी चली जाती है।
टीचिंग के स्तर को बेहतर करने के लिए, टीचर्स को देश से बाहर ले जाके उन्हें ट्रेनिंग देने की तैयारी की जा रही है। हम चाहते हैं कि विदेशी टीचर्स हमारे शिक्षकों को सिर्फ इतना सिखा दें कि, ठंड में अपने पतियों के लिए स्वैटर न बुनें, स्कूल में गप्पे कम मारें, और पुरूष शिक्षकों को बीड़ी और अन्य तम्बाकू उत्पादों से छुटकारा पाने की कोई तरकीब ज़रूर बता दें।

छोटी-छोटी चीज़ों को सुधार कर भी बड़े बदलाव किये जा सकते हैं।

शिक्षा के अंधकार को सभी को मिलकर दूर करना होगा: स्मृति ईरानी

एजुकेशन विजय, खूंटी, 8 अपै्रल केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्य सरकार के विद्यालय चलो चलें अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सिर्फ सरकार के भरोसे शिक्षा रूपी अंधकार को दूर नहीं किया जा सकता। इसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों को अपने कर्तव्य का निर्वहन करना होगा। वह शुक्रवार को खूंटी के कालामाटी स्थित राजकृत मध्य विद्यालय में विद्यालय चलो चलें अभियान का राजस्तरीय शुभारंभ कर रही थी। मौके पर उन्होंने पांच बच्चों का नामांकन स्वयं किया और बच्चों को माल पहनाकर उनका मनोबल बढ़ाया। श्रीमती ईरानी ने कहा कि अब कोई यह नहीं कह सकेगा कि गरीबी के कारण पढ़ाई पूरी नहीं हो पायी। अब गरीब और दलित के बच्चे भी आईआईटी में दाखिला ले सकेंगे और उनकी पूरी फीस माफ रहेगी। उन्होंने कहा कि धनबाद के आईएसएम को आईआईटी का दर्जा दिया गया है। उन्होंने राज्य के सभी सात प्रमंडलों में कम्पोजिट विद्यालय खोलने की घोषणा की। इसमें रांची, पलामू, दुमका, चाईबासा सहित सात प्रमंडलों में ऐसे विद्यालय खोले जायेंगे। जहां निजी विद्यालयों की तरह हर सुविधा दी जायेगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आजादी के 66 वर्षों बाद भी राज्य के 35 प्रतिशत लोग अशिक्षित है। यह हमारे लिए चुनौति है। उन्होंने कहा कि राज्य के दो लाख से अधिक बच्चे विद्यालय से दूर है। विद्यालय चलें चलाये अभियान का उद्ेश्य शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन और बच्चों का विद्यालय में ठहराव है। उन्होंने कहा कि यह काम सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं छोड़े, बल्कि सभी लोग इस अभियान से जुड़े। उन्होंने कहा कि ड्राप आउट बच्चों को स्कूल से जोड़ने में यह अभियान काफी कारगर होगा। कार्यक्रम में राज्य शिक्षा मंत्री नीरा यादव, ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, प्रधान सचिव अराधन पटनायक सहित कई अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।

जवाहरलाल नेहरू चेयर के प्रमुख होंगे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह

एजुकेशन विजय, चंडीगढ़, 08 अप्रैल । पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में फिर से पढ़ाने के लिए आ रहे हैं। वह यहां जवाहरलाल नेहरू चेयर के प्रमुख होंगे। कुलपति (वीसी) प्रो अरुण कुमार ने बताया कि पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और फिर फैकल्टी रहे डॉ. सिंह ने विश्वविद्यालय के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उनसे लंबे समय से खाली पड़े चेयर प्रोफेसर का पद संभालने का आग्रह किया गया था।बताया जा रहा है कि पद संभालने के बाद कैंपस में डॉ. सिंह फैकल्टी एवं विद्यार्थियों से तो रू-ब-रू होंगे ही, साथ ही यदि वह चाहेंगे तो अपने विशेष क्षेत्र में शोध भी कर सकेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा प्रो योगेंद्र के. अलघ और पद्मभूषण इला भट्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। ये दोनों मनमोहन सिंह चेयर और महात्मा गांधी चेयर को संभालेंगे।पूर्व पीएम की अति व्यस्तता और स्वास्थ्य को देखते हुए प्रो ग्रोवर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के विकल्प पर भी विचार करने को कहा। अर्थशास्त्र विभाग की प्रमुख प्रो उपेंद्र साहनी ने कहा कि वह दिल्ली में जल्दी ही डॉ सिंह से मुलाकात करेंगी ताकि चेयर लेक्चर के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सिंह की सुविधानुसार समय तालिका तय होगी। गौरतलब है कि डॉ. सिंह ने पीयू से वर्ष 1952 में स्नातक और 1954 में मास्टर की डिग्री ली थी। वह लगातार प्रथम आने वालों में से हैं। बाद में वह अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर और विश्वविद्यालय के कोरसपोंडेंट विभाग के चेयरपर्सन भी रहे।

रक्तदान शिविर का आयोजन

एजुकेशन विजय,चंडीगढ़, 08 अप्रैल। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय माडू सिंह मेमोरियल आयुवेर्दिक कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसका आयोजन विश्वविदयालय के  रेड रिबन क्लब व आहुति गोहाना द्वारा  किया गया। विश्वविदयालय की एन एस एस एस को-ऑर्डिनेटर सुषमा जोशी की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में 150 यूनिट रक्त इकट्ठा किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविदयालय की कुलपति प्रो आशा कादयान ने शिरकत की।  विश्वविदयालय की छात्राओं व स्टाफ के अलावा आस-पास के गाँव के लोगो ने भी रक्तदान किया।   विवि की कुलपति प्रो आशा कादयान ने छात्राओं से बात करते हुए उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि  यह एक महापुण्य का काम है।  आप के खून की एक एक बून्द किसी की जिंदगी बचाने के काम आएगी। डॉ कादयान ने कहा कि जिंदगी में भले काम करने के परमात्मा ने बहुत रास्ते दिए है ये भी उन में से एक है। डॉ कादयान ने कहा कि युवाओं की समाज व देश के प्रति एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी बनती है जो उन्हें निभानी चाहिए , उन्होंने रक्तदान को महादान का नाम देते हुए कहा कि जिस किसी की भी जिंदगी इस खून से बचती है वो हमे बहुत दुआ देते है। डॉ कादयान ने एन एस एस छात्राओं से आग्रह करते हुए कहा कि रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करें , उन्होंने कहा की रक्तदान से हमारे पुरे शरीर की निशुल्क जाँच भी हो जाती है। इस अवसर पर डॉ ऐ पी नायक , डॉ जी के पांडा , डॉ विजय कौशिक , डॉ मूर्ति मलिक , डॉ कोकिल मलिक , डॉ अर्चना मलिक , डॉ राजेश हुडा भी मौजूद थे।  

30 कोरवा बच्चों का शाला प्रवेश उत्सव में होगा सम्मान

एजुकेशन विजय, कोरबा 8 अप्रैल। विशेष पिछड़ी जनजातियों की उत्थान एवं शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढाने की दिशा में कलेक्टर पी. दयानंद ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के पहाड़ी कोरवा बच्चों को एकलव्य आवासीय विद्यालय छुरी में प्रवेश के लिये सकारात्मक पहल किया है।  कलेक्टर की पहल पर जिले के पहाडी कोरवा छात्र बैसाखु राम, रमेश प्राथमिक शाला बगधरीडांड, शंकरलाल प्राथमिक शाला कोरई, दिनेश्वर, सुभाष सिंह प्राथमिक शाला कदमझरिया, कुमार सिंह, सुभाष सिंह सतरेंगा, सोमवार सिंह, सावन कुमार देवपहरी, रितीक चीतापाली, मनोज कुमार उरगा, चमरू सिंह मदनपुर, दशरथ, आनंद राम, पुनम सिंह गढ़उपरोड़ा, सम्पत लाल प्राथमिक शाला जामभाठा, कुमारी सम्पति कोरई, सरबती, दिल कुंवर कदमझरिया, कविता छातासरई, राजकुमारी, झूल बाई, फगनी सतरेंगा, बुधवारी प्राथमिक शाला हरदीमौहा, सावित्री देवपहरी, सुकमतिया प्राथमिक शाला कन्या देवपहरी, सुमन, आरती, भारती, नंदनी प्राथमिक शाला चीतापाली और कुमारी संतोषी ग्राम मदनपुर को एकलब्य में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में कापी पुस्तक,गणवेश देकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मान किया जायेगा।शाला प्रवेश उत्सव के साथ एकलव्य में लगभग 30 पहाड़ी कोरवा बच्चों को एक नया शैक्षणिक माहौल मिलेगा वहीं जिले के विभिन्न ग्रामों से आये छात्र-छात्राओं से मिलने-जुलने और नया साथी बनाने का अवसर भी मिलेगा। कल तक पहाड़ों के आसपास घने जंगल के बीच माता-पिता के साथ रहते आए कोरवा जनजाति के बच्चों को एकलव्य आवासीय विद्यालय में बेहतर शिक्षा के साथ समय पर नाश्ता, भोजन, खेलने-कूदने का अवसर और मनोरंजन भी उपलब्ध कराया जायेगा।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्राम छुरी में एकलव्य आवासीय विद्यालय की स्थापना की गई है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए संचालित इस विद्यालय में कक्षा 6 वीं से 12 वीं तक कक्षाएं लगेगी। पिछले शिक्षा सत्र से प्रारंभ एकलव्य आवासीय विद्यालय में वर्तमान में कक्षा 7 वीं 8 वीं एवं कक्षा 9 वीं संचालित है। कलेक्टर पी. दयानंद ने एकलव्य आवासीय विद्यालय में पहाड़ी कोरवा बच्चों को प्रवेश दिलाने एवं अन्य बच्चों के साथ बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कोरवा बच्चों को चिन्हित कराया था। उन्होंने एकलव्य में प्रवेश के इच्छुक पहाड़ी कोरवा बच्चों को कक्षा 6 वीं में दाखिला हेतु शिक्षा विभाग को निर्देशित किया था। शिक्षा विभाग द्वारा लगभग 30 पहाड़ी कोरवा बच्चों को एक लव्य में प्रवेश दिलाया जा रहा है। ये सभी दूरस्थ ग्राम कदमझेरिया, जामभांठा, लेमरू, चीतापाली सहित अन्य ग्राम के हैं। एकलव्य आवासीय विद्यालय में पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं को प्रवेश के साथ ही शासन की अन्य सुविधाओं का लाभ भी इन्हें मुहैया कराया जायेगा। कलेक्टर पी. दयानंद ने पहाड़ी कोरवा बच्चों को निःशुल्क किताबे, यूनिफार्म के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अन्य बच्चों की तरह कोरवा बच्चों के विकास के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है।
कोरवा बच्चों के साथ अभिभावक भी पहुंचे- एकलव्य आवासीय विद्यालय छुरी में पहाड़ी कोरवा 15 छात्र एवं 15 छात्राओं को प्रवेश दिया जा रहा है। चूंकि कोरवा बच्चों का रहन सहन अन्य बच्चों से थोड़ा भिन्न है। इसलिए कोरवा बच्चों को छात्रावास में रहने किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए अधिकारियों को विशेष देखरेख के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। पहले दिन बच्चों को छात्रावास तक पहुंचाने के लिए उनके पालक भी एकलव्य पहुंचे थे।
पहले दिन नाश्ते में मिला पोहा अच्छा लगा- एकलव्य पहुंचे पहाड़ी कोरवा बच्चों एवं उनके पालकों को पहले दिन शुरूआत में नाश्ते के रूप में पोहा दिया गया। आमतौर पर ऐसे खान-पान से दूर पहाड़ी कोरवा बच्चों को नाश्ते में पोहा अच्छा लगा। रात्रि में भोजन भी दिया गया। यहां के प्राचार्य विवेक लांडे ने बताया कि सुबह 8.30 बजे नाश्ता, दोपहर 12.30 बजे भोजन, शाम 4 बजे नाश्ता और शाम 6.30 बजे भोजन दिया जाता है। पहाड़ी कोरवा बच्चे अपरांह 3 बजे पहुंचे इसलिए शुरूआत में उन्हें पोहा नाश्ता के रूप में दी गई।
सावन कुमार सहित कई बच्चों का संवरेगा भविष्य- शहर से लगभग 70 किलोमीटर दूर ग्राम जामभांठा के सावन कुमार के माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं। ग्राम आंछीमार की छात्रा भारती, ग्राम जामभांठा की छात्रा सावित्री के पिता का वर्षों पहले स्वर्गवास हो चुका है। ये सभी विषम परिस्थितियों में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। एकलव्य जैसे आवासीय विद्यालय में प्रवेश इनके भविष्य के लिए एक बड़ा सहारा होगा। यहां दाखिला लेने पहुंची छात्रा सावित्री ने बताया कि पिताजी के मौत के बाद जीवनयापन बहुत ही कठिन हो गया है। एकलव्य में वह अच्छे से पढ़ाई करके आगे बढ़ना चाहती है।
हम तो नहीं पढ़ पाये बच्चे ही पढ़ाई कर लें तो अच्छा रहेगा- पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के साथ पहुंचे उनके पालक भी अपने बच्चों को एकलव्य में पढ़ाई के लिए दाखिला दिए जाने पर खुश हैं। इसके लिए वे जिले के कलेक्टर पी. दयानंद की प्रशंसा करते हुए बताया कि हमने पढ़ाई नहीं किया, लेकिन अपने बच्चों को आगे पढ़ाना चाहते हैं। अपने पुत्र आनंद राम के साथ पहुंचे ग्राम जामभांठा के मौहाराम गुरूवती के पिता सुखीराम, ग्राम कदमझेरिया से पहुंचे छात्र राजकुमार के पिता विफइया राम का कहना था कि एकलव्य में पढ़ाई कराने के साथ ड्रेस, किताब, भोजन भी दिया जायेगा साथ ही टीवी, फिल्म देखने और खेलने के लिए भी समय दिया जायेगा। यह सब निःशुल्क में सरकार कर रही है तो हमें भी अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए आगे आना होगा।

दरभंगा संस्कृत विवि में 7 अप्रैल से भरे जायेंगे परीक्षा फार्म

एजुकेशन विजय, दरभंगा, 07 अप्रैल। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय की परीक्षा परिषद की बैठक कुलपति आवास पर हुई। कुलपति डाॅ0 देवनारायण झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व शिक्षा शास्त्री व पीआरटी (2016) की परीक्षा के लिए 7 अप्रैल से 6 मई तक परीक्षा फार्म स्वीकार किये जाने की सहमति प्रदान की गई। वहीं उक्त दोनों परीक्षा का आयोजन 29 मई को करने का निर्णय लिया गया।वहीं पंचायत चुनाव से संबंधित कार्य के कर्मियों के शामिल होने की वजह से उपशास्त्री, शास्त्री व आचार्य की 2016 वर्ष की परीक्षा व 2015 की आयुर्वेद प्रथम, द्वितीय व तृतीय व्यावसायिक परीक्षा की तिथि के निर्धारण पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। उक्त सभी परीक्षा की तिथि निर्धारण के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया। इसके अलावा दयानंद काॅलेज में आयुर्वेद एमडी की 2013-14 व 2014-15 की परीक्षा में चार-चार परीक्षार्थियों के परीक्षा अयोजन को लेकर राजभवन पत्र प्रेषित करने का निर्णय लिया गया।

भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में विस्तृत व्याख्यान का आयोजन

एजुकेशन विजय, चंडीगढ, 2 अप्रैल । भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो आशा कादयान ने शनिवार को खण्ड के गाँव जौली में आयोजित रक्त दान शिविर में बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। जिला पार्षद जगमेंद्र जौली द्वारा आयोजित इस शिविर में पहुंच कर विवि की कुलपति ने रक्तदाताओं से बात करके उन्हें बधाई दी। प्रो कादयान ने रक्तदाताओं से कहा कि यह एक महापुण्य का काम है।  आप के खून की एक एक बून्द किसी की जिंदगी बचाने के काम आएगी। डॉ कादयान ने कहा कि जिंदगी में भले काम करने के परमात्मा ने बहुत रास्ते दिए है ये भी उन में से एक है। डॉ कादयान ने कहा कि युवाओं की समाज व देश के प्रति एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी बनती है जो उन्हें निभानी चाहिए , उन्होंने रक्तदान को महादान का नाम देते हुए कहा कि जिस किसी की भी जिंदगी इस खून से बचती है वो हमे बहुत दुआ देते है। उन्होंने जगमेंद्र जौली को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह समाज सेवा के काम करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। खानपुर मेडिकल कॉलेज की टीम के सहयोग से आयोजित इस शिविर में आस -पास के गाँव के लोगों ने रक्तदान कर पुण्य का काम किया। इस अवसर पर ग्रामीणों के अलावा डॉ सुमन दलाल, डॉ हिमांशु परमार व खानपुर मेडिकल कॉलेज से मुन्नी शर्मा भी मौजूद थी।

आठ अप्रैल को शिक्षक संघ का जिला सम्मेलन आयोजित



एजुकेशन विजय, रूड़की, 6 अप्रैल। रूड़की में आठ अप्रैल को उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ का जिला सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 60 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। जिनमें 54 सेवा निवृत और छह विशेष्ट उपलब्धि प्राप्त शिक्षक शामिल है।संघ के जिला मंत्री राजेश सैनी के अनुसार उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार ने आठ अप्रैल के विशेष अवकाश स्वीकृत किया है।

एकल विद्यालयों के जरिये बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बना रहा विहिप

एजुकेशन विजय,वाराणसी,06 अप्रैल । विश्व हिन्दू परिषद भी एकल विद्यालयों के जरिये दलित समाज और उपेक्षित लोगों के बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के साथ ही उन्हें संस्कारवान बनाने के लिए जुट गया है। प्रतिदिन तीन घंटे का समय देकर परिषद उन्हें साक्षर बनाने के साथ संस्कार वान बनाने के लिए गायत्री मंत्र सिखाने, चंदन टीका लगाने, राष्ट्रीयता से भरे गीत लोकगीत सीखाने पर जोर दे रहा है। बुधवार को परिषद के काशी विभाग संगठन मंत्री दिवाकर ने यह जानकारी दी।श्री दिवाकर ने बताया कि वेदों के प्रचार प्रसार में अतुलनीय योगदान देने वाले ,अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने वाले महानायक अशोक सिंहल ने दलित और उपेक्षित समाज के बच्चों के लिए एकल विद्यालयों के जरिये सनातन परम्परा और शिक्षा संस्कार को मजबूती देने का सपना देखने के साथ निरन्तर प्रयास किया था। उसी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए काशी विभाग के 3660 गांवो में यह अभियान चल रहा है।उन्होंने बताया कि अभियान उस जगह पर खासतौर पर चलाया जा रहा है जहां ईसाई मिसनरियां काम कर रही है। वहां दलित समाज के बच्चों में राष्ट्रप्रेम भरने के साथ सनातन परम्परा को मजबूती देने के लिए गायत्री मंत्र और चन्दन टीका लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।श्री दिवाकर ने बताया कि कि गाजीपुर और उसके सैदपुर तहसील में संस्कार केन्द्र भी खोला जा रहा है,ताकि समय समय पर एकल विद्यालयों की समीक्षा तथा एकल विद्यालयों के माध्यम से उपेक्षित समाज का मार्गदर्शन कर दूर दराज के इलाकों में इनके बच्चों को शिक्षा देने का प्रयास बराबर होता रहे। 

जानिए क्यों यहां की बुजुर्ग महिलाएं सीख रही हैं पढ़ना-लिखना

एजुकेशन विजय, बिहार के खगड़ियां के एक गांव में इन दिनों लोगों पर पढ़ाई का जुनून सवार है. गांव की बुजुर्ग महिलाएं स्कूल जा रही हैं. खास बात ये है कि इन महिलाओँ को पढाने वाली टीचर छोटी उम्र की गांव की बच्चियां हैं. जानिए गांव में कैसे हुआ ये चमत्कार...
ताउम्र घर का काम संभालने वाली इन महिलाएं
 ने चंद दिनों में ही ये साबित कर दिया है कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती है. इनकी हाथों ने अभी-अभी कलम पकड़ना सीखा है, पढ़ना सीखा है. ये महिलाएं खगड़िया जिले के रौन गांव की रहनेवाली हैं. यहां महिलाएं हिंदी, इंग्लिश और उर्दू पढ़ना और लिखना सीख रही हैं.

ज्ञानदीप इंगलिश स्कूल की नयी शाखा खुली,ग्रामीण अंचल में आधुनिक शिक्षा पर जोर

एजुकेशन विजय,वाराणसी,05 अप्रैल जिले के प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम विद्यालय समूह ज्ञानदीप इंगलिश स्कूल नटिनियादाई भोजुबीर रोड की नयी शाखा मंगलवार से जाल्हूपुर चौबेपुर में भी खुल गयी। विद्यालय का उद्घाटन युवा महामण्डलेश्वर सन्तोष दास सतुआ बाबा और कच्चा बाबा के शिष्य प्रतिनिधि आनन्द सरकार विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) काशी विभाग के विभाग प्रचारक सुनील ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया।इस मौके पर महामण्डलेश्वर सतुआ बाबा ने अपने आर्शीवचन में कहा कि विद्यालय निरन्तर प्रगति के पथ पर चलकर यहां पढ़ने वाले बच्चों में संस्कारयुक्त शिक्षा देकर अपने दायित्व का निर्वहन करें।
विभाग प्रचारक सुनील जी ने कहा कि बचपन से ही बच्चों के अन्दर राष्ट्रप्रेम भरने के साथ देश के लिए मजबूत और चरित्रवान नागरिक का पौध तैयार करना विद्यालय अपना उद्देश्य बनाये। विद्यालय समूह के चेयरमैन आरबी सिंह ने आगतों और अतिथियों का स्वागत कर भरोसा दिया कि जिले के इस सुदुरवर्ती क्षेत्र में बेहद कम शुल्क में बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने ओर उनके अन्दर राष्ट्रप्रेम का भाव भरने के लिए यह विद्यालय खोला गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों को स्कालरशिप भी दी जायेगी। अतिथियों का आभार जता विद्यालय के उप प्रबन्धक सिद्धार्थ गौतम सिंह ने उन्हें  स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रबन्ध निदेशक डा.नीलम सिंह,कृष्ण प्रताप सिंह,सृष्टि गांव के प्रधान संकठा सिंह सहित आसपास के गावो के प्रधान,गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।

Tuesday, 5 April 2016

ज्ञानदीप इंगलिश स्कूल की नयी शाखा खुली,ग्रामीण अंचल में आधुनिक शिक्षा पर जोर

एजुकेशन विजय,वाराणसी,05 अप्रैल जिले के प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम विद्यालय समूह ज्ञानदीप इंगलिश स्कूल नटिनियादाई भोजुबीर रोड की नयी शाखा मंगलवार से जाल्हूपुर चौबेपुर में भी खुल गयी। विद्यालय का उद्घाटन युवा महामण्डलेश्वर सन्तोष दास सतुआ बाबा और कच्चा बाबा के शिष्य प्रतिनिधि आनन्द सरकार विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) काशी विभाग के विभाग प्रचारक सुनील ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया।इस मौके पर महामण्डलेश्वर सतुआ बाबा ने अपने आर्शीवचन में कहा कि विद्यालय निरन्तर प्रगति के पथ पर चलकर यहां पढ़ने वाले बच्चों में संस्कारयुक्त शिक्षा देकर अपने दायित्व का निर्वहन करें।विभाग प्रचारक सुनील जी ने कहा कि बचपन से ही बच्चों के अन्दर राष्ट्रप्रेम भरने के साथ देश के लिए मजबूत और चरित्रवान नागरिक का पौध तैयार करना विद्यालय अपना उद्देश्य बनाये। विद्यालय समूह के चेयरमैन आरबी सिंह ने आगतों और अतिथियों का स्वागत कर भरोसा दिया कि जिले के इस सुदुरवर्ती क्षेत्र में बेहद कम शुल्क में बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने ओर उनके अन्दर राष्ट्रप्रेम का भाव भरने के लिए यह विद्यालय खोला गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों को स्कालरशिप भी दी जायेगी। अतिथियों का आभार जता विद्यालय के उप प्रबन्धक सिद्धार्थ गौतम सिंह ने उन्हें  स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रबन्ध निदेशक डा.नीलम सिंह,कृष्ण प्रताप सिंह,सृष्टि गांव के प्रधान संकठा सिंह सहित आसपास के गावो के प्रधान,गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।